बचपन में जब कवितायेँ पढ़ाई जाती थीं तो हमें वो कविताएं पढ़ने में बहुत मजा आता था। जैसे-जैसे समय बीता तो यह बात समझ आई कि कुछ कविताएं सिर्फ इसलिए पढ़ाई जाती थीं ताकि हमें कुछ चीजें याद हो सकें। बस इसी तरह आदरणीय अंशु विनोद गुप्ता जी ने भी सब्जियों के नाम बच्चों को सरलता से याद करवाने के लिए लिखी है यह हास्य कविता बच्चों के लिए । तो आइये पढ़ते हैं कविता :-
दिल्ली पब्लिक स्कूल धनबाद में गुरुवार को सीनियर विंग के अवार्ड नाइट में स्कूल के 221 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए हौसला अफजाई की गई। रंगारंग कार्यक्रम के बीच 11 वर्षों से एक भी दिन अनुपस्थित नहीं रहने वाले दिव्यज्योति, भाव्या सिंह को बेस्ट कैडेट व बेस्ट हाउस का पुरस्कार सतलज को दिया गया। 73 छात्रों को गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज मेडल, 37 को स्कॉलर बैच व अन्य को विभिन्न अवार्ड दिए गए। मुख्य अतिथि धनबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आशीष कुमार ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेल को जरूरी बताया। कार्यक्रम में बच्चों को विशिष्ट अतिथि बीके पारूई, विकास कुमार, डॉ. संजय प्रसाद, डॉ. कविता विश्वास, गरिमा सिंह, प्राचार्य केबी भार्गव, उपप्राचार्य शर्मिला सिन्हा ने पुरस्कृत किया। मौके पर हेडमिस्ट्रेस डॉ. प्रभा सक्सेना, अमर सिंह, अजय कुमार, सोमा देवी, श्वेता त्रिपाठी, केके बागची, रेजा इश्तियाक, अनुपम महाता समेत अन्य सक्रिय रहे। मंच संचालन सुजाता रंजन व गार्गी विश्वास ने किया।
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